सोशल मीडिया वेब सीरीज में परोसी जा रही आपत्तिजनक सामग्री की निगरानी कौन कर रहा है ?

हैदराबाद की के साथ बलात्कार व हत्या की मामले में फिर देश को 7 साल पुराने उसी मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया है जहां पर हम निर्भया हत्याकांड केस के बारे में खड़े थे निर्भया हत्याकांड के बाद सरकार ने सत्य कानून भी बनाया था परंतु फिर भी यह स्थितियां दिनों दिन और बिगड़ती जा रहे हैं इन अपराधों के पीछे छिपे इनके कई कारण हैं इनमें से सबसे बड़ा इंटरनेट व सोशल मीडिया पर बढ़ती हुई आपत्तिजनक सामग्री जहां इंटरनेट तरक्की की राह को खोलता है वही पर यह विकृतियां भी हमें परोस रहा है इंटरनेट पर मौजूद आपत्तिजनक फोटो वीडियो या पोस्टों से न सिर्फ अपराध बढ़ रहा है अपितु अपराध की घटना भी वायरल कर अपराधियों की खुलेआम वैसे भी हो रही है जहां दिल्ली में 22 साल के युवक ने एक पोर्न कंटेंट को देखा और एक 5 साल की मासूम से बच्चे को अपना हवास का शिकार बना दिया तथा मुंबई में शक्ति मिल गैंग रेप केस में भी पुलिस ने जब आरोपियों से पूछताछ की तो आरोपियों में पोर्न कंटेंट देखने की लत पाएगी यह तब हो रहा है जब इंटरनेट पर ऐसा कंटेंट दिखाया या रखना संगीन अपराध है आईपीसी, आईटी एक्ट और अन्य कानूनों के तहत पोर्नोग्राफिक साहित्य वीडियो का निर्माण प्रकाशन तथा प्रकाशण गैरकानूनी है बच्चों की सुरक्षा के लिए पोक्सो जैसा सख्त कानून होने के साथ पॉर्नोग्राफी के लिए कम से कम 5 साल की सजा तथा 10 लाख़ ₹ तक के जुर्माने का प्रावधान है। पर सरकारें ऐसे कंटेंट को रोक नहीं पा रही है,

प्रिंट मीडिया में संपादक प्रकाशक और मुद्रक और टीवी में ब्रॉडकास्टर व अन्य प्रकार की संस्थाओं की भी जिम्मेदारी है कि ऐसे कंटेंट नही डालें। जिससे समाज में विकृतियां पैदा हो।

  • सिनेमा में निर्माता व निर्देशक व सेंसर बोर्ड की जिम्मेदारी तय है मगर इंटरनेट सेवाओं के मामले में कौन सी व्यवस्थाएं लागू है देश में ?
  • सोशल मीडिया वेब सीरीज में परोसी जा रही आपत्तिजनक सामग्री की निगरानी कौन कर रहा है ?
  • हमने प्राकृतिक आपदाओं की जानकारी के लिए पूरा तंत्र विकसित किया है लेकिन क्या देश में इंटरनेट के दुष्प्रभावों की सुनामी का आकलन और पूर्वानुमान आमजन को जताने के लिए कोई सिस्टम तैयार है ?
  • दूसरे देशों में लगाए गए सर्वर पर बैठें मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग बखूबी हो रहा है लेकिन इस प्रकार के कंटेंट को नियंत्रित करने के उपाय कितने लोग जानते हैं ?

इन बातों पर करें विचार

  • 18 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया और इंटरनेट पर उम्र संबंधित कानून की पालना पारदर्शी व्यवस्था बनाएं।
  • कई जगहों पर सर्विस प्रोवाइडर के लिए उन्हीं देशों में सरवर रखना अनिवार्यता है।
  • आपत्तिजनक कंटेंट पर उपयोगकर्ता को सूचना दी जाए।
  • समाज व परिवार रूपी संस्था मजबूत बनाई जाए।
  • पिता अभिभावक व अध्यापक सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक कंटेंट के रोकथाम के बारे में स्वयं जानकारी रखें।
  • सरकार विदेशों में पनप रही इंटरनेट जनित समस्याओं का अध्ययन कर देशवासियों को इसके लिए उचित दिशा निर्देश जारी करें।
  • स्वयं अपने स्तर पर आपत्तिजनक सामग्री को आगे फॉरवर्ड ना करें तथा दूसरों को भी समझाएं और सतर्क रखें
  • फेसबुक व्हाट्सएप पर आपत्तिजनक फोटो और वीडियो को आगे शेयर ना करें और ना ही किसी ग्रुप में भेजें
  • संपूर्ण ज्ञान- केवल सरकार ही नहीं अपितु स्वयं को भी सतर्क रहें और गलत अफवाहों पर ध्यान ना दें।

इंटरनेट इंटरनेट तथा सोशल मीडिया पर लोग रोजाना रोजाना हजारों वेबसाइट्स बनाते हैं जो वेबसाइट आपत्तिजनक होती है उन्हें सरकार बंद कर देती है फिर भी लोग दूसरी वेबसाइट बनाकर अपने कामों को पैसों के लिए इंटरनेट का दुरुपयोग करते है

सोशल सोशल मीडिया इंटरनेट का वह प्लेटफार्म है जहां पर गलत कंटेन भी तुरंत वायरल हो जाते हैं जब तक सरकार को पता चलता है तब तक 24 घंटे में ही पूरे देश में फैल जाते हैं सरकार के साथ आप स्वयं को भी सतर्क रहना होगा ताकि इस प्रकार की घटनाओं से बचा जा सके सरकार अपना काम बखूबी कर रही है भारत में पोर्न की सभी वेबसाइट को ब्लॉक कर दिया गया है और जैसे ही नहीं वेबसाइट बनती है सरकार उसे तुरंत ही बंद कर देती हो लेकिन कुछ वेबसाइट सिक्योरिटी रीजन की वजह से 24 घंटे में बंद होती है और तब तक यह लोग अपना डाटा वेबसाइट में डाल देते हैं

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